मध्य प्रदेश के जितने भी टीचर से अब यह नहीं कर सकेंगे
मध्य प्रदेश के सरकार ने एक फैसला ले लिया है कि सरकारी और निजी स्कूलों में छात्र छात्रों को जो शारीरिक दंड दिया जाता है उसकी पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा सरकार ने साफ कर दिया अगर कोई शिक्षक क्या स्टाफ का कोई भी सदस्य अगर किसी भी बच्चे को मारता है या किसी को शारीरिक दंड देता है यह किसी को मुर्गा बनता है ऐसी अवस्था में उसे टीचर की नौकरी तक चली जाएगी और उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जगह और जुर्माना भी लगेगा 5 लाखतक का
Teacher Job Post Not Include
क्योंकि सरकारी टीचर्स आते पढ़ते हैं पढ़ने के बाद नींद निकालते टीचर शादी कोई गुटखा खाता है कोई पान खाता है वही मतलब टीचर्स आधे ऐसे भी हरकतें करते हैं स्कूल में कॉलेज जोश में कुछ को टीचर्स अच्छे भी होते हैं तो चीज बच्चों पर जानते थे बच्चों को पढ़ाते कुछ टीचर ऐसे होते हैं कि उनको सिर्फ पैसों से मतलब रहता है तो वह वहां नहीं पड़ते स्कूलों में वह क्या करते कोचिंग सेमेस्टर का कोचिंग चलाते हैं फिर बच्चों को कोचिंग में पढ़ते शिक्षक क्यों क्योंकि बच्चा कोचिंग में पड़ेगातो पैसा डबल आएगा स्कूल हो तो पैसा आ रहा कर कर दीजिए पर इधर से तो डबल आएगा तो उसे चक्कर में यह क्या होता है वहां नहीं पड़ते वह सही सर पढ़ाएंगे मीनिंग वहां से नींद निकलेंगे ऐसे करके आपको बेवकूफ बनाएंगे और यह आपको बुलाएंगे घर पर फिर घर पर जो ट्यूशन पढ़ाएंगे उसका प्रेक्टिकल भी एग्जाम होगी तो उसमें यह नंबर अच्छे दे देंगे क्यों क्योंकि आप किसके यहां गए थे चुप पड़ा रहा जिसका ही है और जिसको ही नंबर देना है उसी के यहां तो आप गए थे वह पहले ही आपको क्वेश्चन आंसर सब बता देता है और जो नहीं जाता है उसके साथ शारीरिक दान दिया जाता है उसको प्रताप पुरी किया जाता है उसके साथ ऐसा स्वरूप किया जाता है कि यह तो मेरे आया ही नहीं तो इसको फेल कर दो तो उसे बच्चों को फेल कर दिया जाता है और उसे बच्चों के साथ ऐसा कर दिया था तो दूर व्यवहार जिसके कारण वह बच्चा बाद में पछताना पड़ता है उसे
- Teacher Job Post But Not Bit To Anyone
अगर ऐसा करते हुए कोई भी टीचर पाया गया तो उसके ऊपर बड़ी कार्रवाई होगी सशक्त कार्रवाई ऐसी कार्रवाई होगी कि उसकी पूरी जिंदगी उसको जेल में बितानी पड़ेगी
भोपाल से एक मामला सामने आ जाए एक छात्रों को बुरी तरह से पेट पर कुछ उसके पैरों की चमड़ी उठेड़ दी गई है मामला भोपाल के सेंट माइकल स्कूल से आया था और छात्र ने बचा की टीचर किसी ने फुटबॉल के शूज से उसे मार इसके बाद परिजनों शिकायत करी और टीचर के खिलाफ एक जांच कमेटी मिठाई इसमें दोषी पाया गया तो उसको 5 लाख का जुर्माना और एक जेल की सजा भी हुई है और उसकी नौकरी से बर्खास्त भी कर दिया गया है इसलिए कभी भी किसी को मारना एक गुना होता है अगर टीचर सिर्फ पढ़ने पर ध्यान दें और मारा कुटी इन पर ध्यान नहीं दे तो एक टीचर बहुत बड़े बच्चों के लिए एक इंप्रेशन बन जाता है बच्चे भी उसके प्रति वह हो जाते हैं कि यार यह टीचर बहुत अच्छा है यह हमको सिर्फ
पड़ता है
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